Friday, January 20, 2012

खुद की तलाश..

खुद का तो पता नहीं और दूसरों की खबर रखते हैं,
अपने आप से ज्यादा वो असर रखते हैं..
उन पलोँ का हिसाब कौन देगा ये कभी गौर किया है?
जिन पलोँ में खुद से ज्यादा उनका कदर करते हैं..

एक दिन जो तन्हा हुए तब खुद को परेशाँ पाया,
ऐसा क्यों हुआ जब खुद से रूबरू होने का मौका आया..
दुनिया से तो भाग सकते हो खुद को छिपाकर,
कैसे बचोगे जब ढूँढ लेगा तुझे खुद का साया..

Friday, January 13, 2012

बस यूँ ही आज तेरी याद आ गई..

बस यूँ ही आज तेरी याद आ गई,
तेरी याद आकर आँखें छलका गई..
खामोश है समा, सब सो रहे हैं,
तेरी याद आकर मेरी नींद ले गई..
बस यूँ ही तेरी याद आ गई!

कहने को तो हर लम्हा तेरा ख्याल है,
पर आज का चाँद बेमिसाल है..
उस दिन का चाँद भी याद है मुझे,
गुलाबी हुआ था देख वो तुझे..
देख उस चाँद को तारों की जमात भी धोखा खा गई,
बस यूँ ही तेरी याद आ गई..