सिसकती हुई ज़िँदगी आई मेरे पास बोली कैसे हो मैंने कहा ठीक हूँ वो बोली क्यों ठीक हो अच्छे क्यों नहीं मैं स्तब्ध रह गया वो बोली मैं सिसक सिसक कर जीना नहीं चाहती मैं बोला तो बताओ मैं क्या करूँ वो बोली खुल कर एक बार जी ले चाहे अगले ही पल मौत आ जाए एक पल बस एक पल आजाद हो जा
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