Friday, March 20, 2015

कोई घर जला है..

..किसी का घर जला है आज रात,
किसी का दिल जला था बीती रात,
कश्मकश भरी इस रात में,
कई अरमान जलेंगे फिर इस रात..

..कुछ संजोया था मैंने इस रात,
कुछ खोया है मैंने इस रात,
अब क्या बचा है आज की रात,
क्या फिर जलेंगे जज़्बात इस रात..

..उसकी आँखों में देख,
उसकी धड़कन से पूछ ज़रा,
क्या वो सो पायेगी इस रात में,
इन्ही सायों में वो इस रात..

कोई घर जला है..

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